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Short stories

Satires by Harishankar Parsai

संस्कृति भूखा आदमी सड़क किनारे कराह रहा था। एक दयालु आदमी रोटी लेकर उसके पास पहुंचा और उसे दे ही रहा था कि एक दूसरे आदमी ने उसको खींच लिया। [ … ]

सुकून

मुझे हमेशा से तुम्हारे न होने का डर सताया करता था। एक अजीब सी घबराहट होती थी ये सोच कर की तुम नही होगी तो क्या होगा। कभी कभी तो [ … ]

अंदर क्या है?

अपना चौबीसवाँ जन्मदिन मनाकर घर लौटते वक़्त मुझे बड़ा खालीपन महसूस हुआ। यह वैसा खालीपन था जो किसी अपने के घर छोड़ जाने के बाद महसूस होता है। पर सच [ … ]

प्राकृतिक दृश्य

प्रेम एक पसंदीदा प्राकृतिक दृश्य है कोई भी तुम्हारा समंदर और साहिल होगा मेरा पर्वतश्रृंखलाएं और ऊंचे ऊंचे पेड़ है पर इस दृश्य में कुछ अधूरा होगा कुछ जो हमे [ … ]