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अंदर क्या है?

अपना चौबीसवाँ जन्मदिन मनाकर घर लौटते वक़्त मुझे बड़ा खालीपन महसूस हुआ। यह वैसा खालीपन था जो किसी अपने के घर छोड़ जाने के बाद महसूस होता है। पर सच [ … ]

तारा

“वो देखो, टूटता तारा। जल्दी से कुछ माँगो”, कहकर तुमने अपनी आंखे बंद कर ली। हम अपने घर की छत पर बैठे हुए थे। तुम्हारी आदत अब मेरी भी आदत [ … ]