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Satires by Harishankar Parsai

संस्कृति भूखा आदमी सड़क किनारे कराह रहा था। एक दयालु आदमी रोटी लेकर उसके पास पहुंचा और उसे दे ही रहा था कि एक दूसरे आदमी ने उसको खींच लिया। [ … ]

सुकून

मुझे हमेशा से तुम्हारे न होने का डर सताया करता था। एक अजीब सी घबराहट होती थी ये सोच कर की तुम नही होगी तो क्या होगा। कभी कभी तो [ … ]